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बाबा धर्मदास का इतिहास: दुधर्ष संघर्ष और लोक-गाथाएं

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प्रतीकात्मक चित्र भूमिका: संतों का संघर्ष और समय की करवट इतिहास केवल तारीखों और राजा-महाराजाओं के महलों का ब्यौरा नहीं होता; इतिहास वास्तव में उन महापुरुषों के पसीने और रक्त से लिखी गई गाथा है, जिन्होंने समाज की रक्षा के लिए अपनी सुख-सुविधाओं की आहुति दे दी। संत का हृदय मक्खन से भी कोमल होता है, लेकिन जब समाज पर विपदा आती है, जब निरीह और असहाय लोगों पर अत्याचार होता है, तब वही संत वज्र से भी अधिक कठोर हो जाता है। बाबा धर्मदास जी महाराज का जीवन इसी अटूट सत्य का साक्षात उदाहरण है। वे केवल मंदिर के कोने में बैठकर माला जपने वाले साधक नहीं थे; वे तो समाज के उस मोर्चे पर खड़े योद्धा थे, जहाँ धर्म और अधर्म का सीधा टकराव हो रहा था। रामलखन शर्मा जी द्वारा सहेजी गई लोक-गाथाएँ बाबा के जीवन के उस साहसी और जुझारू पहलू को उजागर करती हैं, जिसे जानकर आज भी हमारी रगों में श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति का संचार होने लगता है। पहली लोक-गाथा: मानवता की रक्षा और बौद्धों का सामूहिक संहार बाबा धर्मदास जी के बारे में अनेक गाथाएँ आज भी लोक-कण्ठ में वैसी ही रची-बसी हैं, जैसे दूध में मिश्री घुली होती है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी ब...

बाबा धर्मदास का जीवन परिचय और दिव्य इतिहास

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प्रतीकात्मक चित्र भूमिका: राष्ट्र और धर्म की रक्षा में महापुरुषों का आगमन यह सनातन सत्य है कि जब-जब इस धरती पर अज्ञानता का अंधकार गाढ़ा होता है, जब-जब मानवीय मूल्यों का ह्रास होता है और धर्म तथा राष्ट्र अस्मिता पर संकट के बादल मंडराते हैं, तब-तब इस धरा को सही राह दिखाने के लिए दैवीय और विलक्षण शक्तियों का प्रादुर्भाव होता है। इतिहास साक्षी है कि समय की पुकार पर इस भारत भूमि ने ऐसे युगपुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपनी आत्मिक ज्योति से न केवल अपने युग को आलोकित किया, बल्कि आने वाली अनगिनत पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बने। भगवान बुद्ध की करुणा, अर्हंत उपाली का त्याग, सम्राट अशोक का धम्म-संदेश, नारायणी माता की शक्ति, संत कबीर दास का अलख, गुरुनानक देव की रूहानी सीख, संत प्रवर सेन जी महाराज की आत्म-साधना, संत शिरोमणि रविदास की समरसता, और जिवाजी महाले तथा पंच प्यारे भाई साहिब सिंह जी का अदम्य शौर्य—ये सभी इसी दिव्य श्रृंखला की कड़ियाँ हैं। आधुनिक और मध्यकाल में भी लोक-संस्कृति को नया जीवन देने वाले पद्मश्री भिखारी ठाकुर और दबे-कुचले समाज के मसीहा, भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसी विभ...