संदेश

हास्य कहानी लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मुंगेरीलाल का महल और बीवी का बेलन: एक तीखा व्यंग्य

चित्र
   डिस्क्लेमर: यह कहानी समाज में पनपते उन गैर-जिम्मेदार रवैयों और घटनाओं से प्रेरित एक विशुद्ध साहित्यिक व्यंग्य है, जहाँ लोग विवाह जैसे पवित्र बंधन में बँधने के बावजूद पारिवारिक उत्तरदायित्वों से मुँह मोड़ लेते हैं। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक व्यवहार पर एक कटाक्ष करना है। इसमें प्रयुक्त सभी पात्र, स्थान, संस्थाएं और घटनाएं पूर्णतः काल्पनिक हैं। इसका किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है। यदि कोई समानता पाई जाती है, तो उसे मात्र एक संयोग ही समझा जाए। नवाबियत, शक्ल-सूरत और कॉन्फिडेंस की खान दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं—एक वो जो मेहनत करके नाम कमाते हैं, और दूसरे हमारे अमरचंद उर्फ 'मुंगेरीलाल' । मुंगेरीलाल की सबसे बड़ी खूबी उनकी शक्ल-सूरत थी। गोरा-चिट्टा रंग, मासूम चेहरा और लच्छेदार बातें। कोई पहली बार देख ले तो धोखा खा जाए कि बंदा सीधा स्वर्ग से उतरा है। लेकिन इस मासूम चेहरे के पीछे छुपा था 'ऑल इंडिया लपेटू संघ' का राष्ट्रीय अध्यक्ष! मुंगेरीलाल की सबसे बड़ी कला थी उन...